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बीपीसीएल में 69 कर्मचारियों को दिया गया वीआरएस का पत्र

Mon, 17 May 2021 10:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी नहीं चल सकी सिलेंडर निर्माण की इकाई
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prayagraj news : नैनी स्थित बीपीसीएल प्लांट। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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एक समय भारत की रत्नों में शामिल बीपीसीएल में पूर्ण तालाबंदी की तरफ एक कदम और बढ़ा दिया गया है। सोमवार को कंपनी के 69 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का पत्र थमा दिया गया। अफसरों के अलावा 15 कर्मचारी ही कंपनी में बचे हैं। इस तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद भी कंपनी की सिलेंडर उत्पादन इकाई को फिर से चालू नहीं किया जा सका।
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बीपीसीएल को बंद करने का आदेश पिछले वर्ष दिसंबर में ही हो चुका है। इसके बाद कर्मचारियों को वीआरएस देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। हालांकि इस दौरान भी पंप एवं कंप्रेसर निर्माण का काम चालू रहा। इसके अलावा ऑक्सीजन संकट के बीच प्रदेश सरकार ने बीपीसीएल को 2500 सिलेंडर बनाने का आर्डर दिया। इतना ही नहीं सिलेंडर निर्माण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कंपनी को तीन महीने तक चलाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा गया।

इसके बाद सिलेंडर उत्पादन इकाई के करीब आठ बर्ष बाद फिर से चालू होने की उम्मीद जगी लेकिन सीएमडी के चार दिन पहले आए एक पत्र से कर्मचारियों को झटका लगा। सीएमडी के 13 मई के आदेश के क्रम में सोमवार को 69 कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया। अधिकारियों के वेतन निर्धारण को लेकर कुछ विवाद है। इसकी वजह से उन्हें वीआरएस नहीं दिया गया है। इनके अलावा 15 कर्मचारियों को भी अभी वीआरएस का पत्र नहीं दिया गया है। इनमें कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के आश्वासन के परिप्रेक्ष्य में अब सबकी नजर केंद्र सरकार पर है। अन्यथा, जल्द ही कंपनी पर पूरी तरह से ताला लटकने की आशंका है।

कोर्ट गए कर्मचारी

वीआरएस के विरोध में कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर दी है। यूनियन के महामंत्री अली हसन आबिदी का कहना है कि प्रदेश सरकार ने बीपीसीएल को ऑक्सीजन सिलेंडर बनाने का आदेश दिया है। इसके लिए तीन महीने तक कंपनी को चलाने के लिए भी पत्र लिखा है। उनका यह भी कहना है कि कुछ दिन बाद यह ऑर्डर बीएचईएल को दिया गया लेकिन बीएचईएल ने भी बीपीसीएल में सिलेंडर निर्माण के लिए पत्र भेजा है। ऐसे में कंपनी में तालाबंदी की प्रक्रिया शुरू करने के साथ कर्मचारियों को वीआरएस देना उचित नहीं है। वह भी जब देश ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी से जूझ रहा है। इसी आधार पर उन्होंने न्यायालय में याचिका दाखिल की है। आबिदी का कहना है कि  उनके समेत 15 कर्मचारियों को वीआरएस न देने का निर्णय भी समझ से परे है।

ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माण पर संकट

बीपीसीएल में 69 कर्मचारियों को वीआरएस का पत्र पकड़ाए जाने के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माण पर संकट खड़ा हो गया है। तीन दिन पहले वीआरएस संबंधी पत्र आने के बाद ही वर्षों से बंद मशीनों को ठीक करने आदि की प्रक्रिया रोक दी गइ्र्र है। ऐसे में बीएचईएल को तय करना है कि प्रदेश सरकार से मिले 2500 ऑक्सीजन सिलेंडर के ऑर्डर को वह कैसे पूरा करती है।
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