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Prayagraj News: भाजपा छोड़कर विदुप अग्रहरि सपा में शामिल

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लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में शिवपाल यादव के साथ विदुप अग्रहरि। स्रोत : स्वयं
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प्रयागराज के उद्यमी और वैश्य बिरादरी के बड़े चेहरों में गिने जाने वाले विदुप अग्रहरि ने शुक्रवार को भाजपा का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। लखनऊ स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव की मौजूदगी में उन्होंने औपचारिक रूप से सपा की सदस्यता ग्रहण की।
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विदुप का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब वह भाजपा में काफी समय से सक्रिय थे और पार्टी के क्षेत्रीय सह संयोजक व्यावसायिक प्रकोष्ठ जैसी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनका सपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बन गया है।
इसके साथ ही उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। सपा में शामिल होने के बाद विदुप ने सपा प्रमुख की सादगी और कार्यशैली को अपनी इस सियासी पसंद की बड़ी वजह बताया।
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खास बात यह है कि विदुप अग्रहरि की राजनीतिक विरासत काफी मजबूत रही है। उनके पिता और शहर के उद्योगपति स्व. श्यामाचरण गुप्त भी दो बार सांसद रह चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर सपा और भाजपा दोनों से जुड़ा रहा है।
श्यामाचरण ने वर्ष 2004 में प्रदेश की बांदा लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2014 के आम चुनावों में उन्होंने भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद लोकसभा सीट से सांसद बनकर संसद में प्रतिनिधित्व किया था।
पिता के सियासी रसूख और वैश्य समुदाय में परिवार की गहरी पकड़ की वजह से विदुप के सपा में आने से प्रयागराज की राजनीति में एक नया समीकरण बनता नजर आ रहा है। चर्चा है कि सपा उन्हें इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा से उम्मीदवार बना सकती है। इस बारे में विदुप का कहना है कि सपा की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है।
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