याची के अधिवक्ता सतेंद्र सिंह का कहना था कि याची की सेवाएं यूपी विकास प्राधिकरण केंद्रीयकृत सेवा नियमावली से आच्छादित रही हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को मद्देनजर रखते हुए विभिन्न तिथियों पर जारी शासनादेशों के आधार पर की गई गणना के मुताबिक याची पेंशन पाने का हकदार है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार चौहान को सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के मुताबिक सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन न देने के मामले में अवमानना नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने याची नारायण जी गोपाल द्वारा दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिया।
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याची के अधिवक्ता सतेंद्र सिंह का कहना था कि याची की सेवाएं यूपी विकास प्राधिकरण केंद्रीयकृत सेवा नियमावली से आच्छादित रही हैं। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को मद्देनजर रखते हुए विभिन्न तिथियों पर जारी शासनादेशों के आधार पर की गई गणना के मुताबिक याची पेंशन पाने का हकदार है। प्राधिकरण द्वारा पेंशन देने में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को नजरंदाज किया गया, जिससे क्षुब्ध होकर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
वर्ष 2021 में याची की याचिका स्वीकार करते हुए रिट कोर्ट ने प्राधिकरण को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक जारी शासनदेशाें के अनुसार याची की पेंशन की गणना करने का आदेश दिया था, जिसका अनुपालन प्राधिकरण ने नहीं किया।
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याची की अवमानना याचिका पर विचार करते हुए कोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया मामला रिट कोर्ट के आदेश की अवमानना का है। कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार चौहान को एक माह के भीतर रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन कर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि नियत समय में रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन कर हलफनामा दाखिल न किया गया तो उनके विरुद्ध अवमानना का आरोप निर्मित किया जाएगा।