आज भी जारी रहेगी सुनवाई
ट्रायल कोर्ट ने उसके द्वारा दिए गए बयान पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दिया। नहीं तो माफिया बृजेश सिहं सहित अन्य आरोपी बरी न हो पाते। अधिवक्ता ने कहा कि याची गांव की अनपढ़ महिला है। उसके बयान का सही आकलन नहीं किया गया। उसके बयान में घटना के संबंध में किया गया कथन कोई संदेह पैदा नहीं कर रहा है। घटना के संबंध में सीधे सबूत हैं। फिलहाल कोर्ट ने समय की कमी की वजह से केस की सुनवाई को एक दिन के लिए टालते हुए इस पर मंगलवार को सुनवाई जारी रखने को कहा है।
छह लोगों की कर दी गई थी हत्या
बता दें कि सन 1987 में तत्कालीन जिला क्षेत्र वाराणसी के बलुआ थानांतर्गत सिकरौरा कांड में याची हीरावती के पति, दो देवर और तीन पुत्रों की हत्या कर दी गई थी। इसमें माफिया बृजेश सिंह सहित कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। वाराणसी के सत्र न्यायालय ने आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद हीरावती ने सत्र न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर चुनौती दी है। कोर्ट उसी पर सुनवाई कर रही है।