छात्र-छात्राओं से बेरहमी के कारण चर्चा में आए रुद्र प्रयाग विद्या मंदिर में कुछ भी सहीं नहीं चल रहा। प्रधानाचार्य सत्येंद्र द्विवेदी ने विद्यालय में जमकर मनमानी की है। विद्यालय को कक्षा एक से आठ तक के लिए बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता मिली है लेकिन पढ़ाई सीबीएसई पैटर्न पर हो रही है। नौवीं से 12वीं तक की मान्यता न होने के बावजूद विद्यार्थियों के प्रवेश लिए जाते हैं और उन्हें झलवा के दो अलग-अलग विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं दिलाई जाती हैं, वह भी संस्थागत विद्यार्थी के रूप में। डीएम के निर्देश पर बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने विद्यालय पहुंचकर जांच की तो यह मामला सामने आया।
रूद्र प्रयाग विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य सत्येंद्र द्विवेदी द्वारा छात्र-छात्राओं की डंडे और लाठी पिटाई करने का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। अमर उजाला ने प्रधानाचार्य की बर्बरता की तस्वीरों के साथ प्रमुखता से खबरें प्रकाशित तो जिला प्रशासन हरकत में आया। डीएम संजय कुमार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और जांच के लिए एसीएम, सीओ सोरांव एवं डीआईओएस के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। डीएम ने नौ अगस्त को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, सो एसीएम एवं सीओ की अनुपस्थिति में बुधवार को डीआईओएस आरएन विश्वकर्मा सुबह रूद्र प्रयाग विद्या मंदिर जांच करने पहुंचे।
बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता मिलने के बाद नियम के तहत विद्यालयों को परिषद से मान्य किताबें ही चलनी चाहिए लेकिन रुद्र प्रयाग विद्या मंदिर में ऐसा नहीं हो रहा। जांच के दौरान डीआईओएस ने विद्यालय प्रबंधन से मान्यता से संबंधित कागज मांगें तो सिर्फ उन्हें सिर्फ बेसिक शिक्षा परिषद से कक्षा एक से आठ तक की मान्यता के प्रपत्र उपलब्ध कराए। इस दौरान डीआईओएस ने इन कक्षाओं में चलने वाली किताबें भी मंगा कर देखी। उन्होंने बताया कि कक्षा एक से आठ तक बेसिक शिक्षा परिषद के बजाए सीबीएसई की किताबें चल रही हैं।
रूद्र प्रयाग विद्या मंदिर का प्रधानाचार्य सत्येंद्र द्विवेदी छात्र-छात्राओं की बर्बरता से पिटाई के साथ उनके करियर से भी खिलवाड़ कर रहा है। विद्यालय के बाहर रुद्र प्रयाग विद्या मंदिर सीबीएसई नई दिल्ली का बोर्ड लगा है। बिना सीबीएसई की मान्यता के कक्षा नौ से 12 की पढ़ाई हो रही है। इन कक्षाओं में बड़ी संख्या छात्र-छात्राएं भी हैं। डीआईओएस के मुताबिक यहां प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को सीबीएसई से संचालित दूसरे विद्यालयों से संस्थागत परीक्षार्थी के रूप में परीक्षाएं दिलाई जाती हैं। बताया कि यहां के विद्यार्थी 10वीं एवं 12 की परीक्षा झलवा के दो अलग-अलग विद्यालयों से देते हैं।
‘ फाफामऊ शांतिपुरम स्थित रूद्र प्रयाग विद्या मंदिर में जांच के दौरान कई खुलासे हुए। यहां सब कुछ नियमों के विरुद्ध हो रहा है। मान्यता न होने के बावजूद छात्र-छात्राओं के नौवीं से 12वीं तक प्रवेश लिए जा रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन सीबीएसई से मान्यता से संबंधित कोई प्रपत्र नहीं उपलब्ध करा सका। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संस्थागत के रूप में सीबीएसई से संचालित दूसरे स्कूल से परीक्षाएं दिलाने के मामले में सीबीएसई को भी लिखा जाएगा।’ -आरएन विश्वकर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी