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चयन बोर्ड में 10 में से पांच सदस्यों के पद खाली

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प्रयागराज। प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों का चयन करने वाली संस्था उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में लंबे समय से सदस्यों के 10 में से पांच पद खाली हैं। सरकार की ओर से सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है। सदस्यों के नहीं होने से चयन बोर्ड की ओर से होने वाली शिक्षक एवं प्रधानाचार्य की भर्ती के प्रभावित होने के साथ ही विद्यालयों के आंतरिक विवादों के मामले लंबे समय से लंबित पड़े हैं।
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सदस्यों के न होने से फंसी भर्ती
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के गठन के समय एक अध्यक्ष सहित 10 सदस्यों की नियुक्ति का नियम तय किया गया था। तय मानक से कम सदस्य होने के ही कारण 2016 की टीजीटी भर्ती का साक्षात्कार पूरा करके अंतिम परिणाम जारी करने में चयन बोर्ड को साल भर से अधिक का समय लग गया परंतु अभी तक पूरा रिजल्ट जारी नहीं हो सका है। कोर्ट की ओर से जनवरी 2020 में टीजीटी जीव विज्ञान 2016 की परीक्षा कराने के आदेश के बाद भी चयन बोर्ड इस मामले में निर्णय नहीं ले सका। प्रधानाचार्य 2011 के कुछ मंडल के साक्षात्कार पूरे होने के बाद भी उनका परिणाम जारी नहीं हो पा रहा है। ठीक इसी प्रकार से प्रधानाचार्य भर्ती 2013 के साक्षात्कार के लिए अभी तक चयन बोर्ड कोई तिथि घोषित नहीं कर सका है।
वर्तमान में जो सदस्य काम कर रहे
आयोग में इस समय चयन बोर्ड अध्यक्ष वीरेश कुमार के साथ पांच सदस्य डॉ.धीरेंद्र द्विवेदी, डॉ. हरेंद्र राय, डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी, डॉ. ओम प्रकाश राय एवं डॉ. अजीत सिंह सदस्य के रूप में काम कर रहे हैं। अधिकारियों के कोटे के सदस्य अवध नरेश शर्मा एवं रमेश का कार्यकाल पूरा होने के बाद सरकार की ओर से नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई। ऐसे में चयन बोर्ड का समय से शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों की भर्ती का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा।
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