आयोग ने बीते दिनों निर्णय लिया कि अब सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा के 75 फीसदी अंकों और इंटरव्यू के केवल 25 फीसदी अंकों को मिलाकर मेरिट तैयार की जा जाएगी और इसी आधार पर चयन परिणाम जारी किया जाएगा। ऐसे में इंटरव्यू से ज्यादा महत्व स्क्रीनिंग परीक्षा का होगा और इस व्यवस्था के लागू होने से यह आरोप भी नहीं लगेंगे कि इंटरव्यू में मनमाने अंक देकर किसी भी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
वहीं, राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की सीधी भर्ती में भी यही व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए स्क्रीनिंग परीक्षा की अलग से नियमावली तैयार की गई है, जिसे शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है। यूपीपीएससी को असिस्टेंट प्रोफेसर के भी साढ़े तीन सौ पदों का अधियाचन मिल चुका है। नियमावली को शासन से मंजूरी मिलते ही आयोग इस भर्ती का विज्ञापन भी जारी कर देगा।