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UPSSSC PET : पीईटी में धांधली का प्रयास, दो मुन्नाभाई समेत तीन गिरफ्तार, एक मूल अभ्यर्थी भी शिकंजे में

Sat, 28 Oct 2023 02:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

परीक्षा के लिए शिवकुटी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर व सिविल लाइंस स्थित रानी रेवती देवी इंटर कॉलेज को भी केंद्र बनाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, दोनों केंद्रों पर परीक्षार्थियों के सत्यापन के लिए अंगूठे के निशान व आई स्कैनिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया।
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Prayagraj - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा में शनिवार को दो मुन्नाभाई समेत तीन लोग पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपियों में से एक मूल अभ्यर्थी है, जिसने अपनी जगह पर अन्य को परीक्षा में बैठाया था। शिवकुटी व सिविल लाइंस स्थित परीक्षा केंद्रों पर यह धांधली पकड़ी गई। तीनों पर परीक्षा अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस लिखा गया है।

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परीक्षा के लिए शिवकुटी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर व सिविल लाइंस स्थित रानी रेवती देवी इंटर कॉलेज को भी केंद्र बनाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, दोनों केंद्रों पर परीक्षार्थियों के सत्यापन के लिए अंगूठे के निशान व आई स्कैनिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। इस दौरान दोनों केंद्रों पर एक-एक परीक्षार्थी के बायोमीट्रिक पहचान का मिलान नहीं हो सका।

इस संबंध में आयोग कंट्रोल रूम से सूचना केंद्र प्रबंधन और पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सख्ती से पूछताछ की तो शिवकुटी स्थित केंद्र पर जैकी शर्मा व सिविल लाइंस स्थित केंद्र पर प्रमोद यादव दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए। जैकी ने बताया कि वह आशीष यादव की जगह पर परीक्षा में बैठा था। यह भी बताया कि आशीष परीक्षा केंद्र के बाहर ही मौजूद है। इस पर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसे भी पकड़ लिया।
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उधर प्रमोद ने बताया कि वह उमेश यादव की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। तीनों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी रही। एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से दो सॉल्वर और एक मूल अभ्यर्थी है। तीनों से पूछताछ चल रही है।

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दोनाें सॉल्वर बिहार के रहने वाले

पकड़े गए दोनों सॉल्वर बिहार के पटना के रहने वाले हैं। दोनों ने पूछताछ में बताया है कि वह पटना स्थित कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। एक खास बात यह भी है कि दोनों ही मूल अभ्यर्थी, आशीष व उमेश यादव गाजीपुर के हैं। फिलहाल, यह नहीं पता चल सका है कि दोनों सॉल्वरों का मूल अभ्यर्थियों से संपर्क कैसे हुआ। इस बात की भी आशंका है कि दोनों किसी गिरोह के सदस्य भी हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस देर शाम तक यही कहती रही कि दोनों केंद्रों पर पकड़े गए सॉल्वरों या मूल अभ्यर्थियों के बीच कोई कनेक्शन फिलहाल नहीं मिला है।
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