इसके बाद मतपेटियों को जिला जज के कार्यालय में रख दिया गया है। वह अब एक नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में घटना की सीसीटीवी फुटेज सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके पहले चुनाव अपने तय समय के अनुसार सुबह नौ बजे से शुरू हुआ। मतदान के लिए स्थायी सदस्यों और सामान्य सदस्यों के लिए 20 काउंटर बनाए गए थे। मतदान के पूर्व अधिवक्ताओं/मतदाताओं के आईकार्ड देखने के बाद पर्ची दी गई। इसके बाद अधिवक्ताओं को सीओपी नंबर देखने के बाद वोटिंग के लिए जाने दिया जा रहा था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से मतदान कर दिया।
इसकी सूचना जैसे ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को लगी। बवाल शुरू हो गया। फर्जी मतदान करने वाले की जमकर पिटाई भी की गई। इसकी वजह से मतदान रोक दिया गया। फर्जी मतदान की सूचना मिलने पर अन्य प्रत्याशी भी अपने समर्थकों के साथ मतदान परिसर पहुंच गए। कुछ प्रत्याशियों ने जानबूझकर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया।
मतदान की सही व्यवस्था न होने से प्रत्याशियों ने जताई नाराजगी
मंत्री पद के प्रत्याशी ऋषि शंकर द्विवेदी, केबी तिवारी, राकेश कुमार तिवारी, राजेंद्र प्रसाद मिश्र उर्फ रज्जू, राहुल शुक्ल, सुधाकर पांडेय आदि ने आरोप लगाया कि मतदान की व्यवस्था सही नहीं होने से ऐसी स्थिति बनी। प्रत्याशियों ने कहा कि दोपहर साढ़े तीन बजे तक तकरीबन 22 सौ के आसपास मत (कुल मत 5931) पड़े थे। मत देने वाले अधिवक्ताओं की लंबी लाइन थी। इसके अलावा मतदान परिसर में कुछ ऐसे भी लोग मौजूद थे, जो वहां रहकर किसी का पक्ष ले रहे थे। इन वजहों से माहौल बिगड़ गया। फर्जी वोट पड़ने से मामला गंभीर हो गया।