इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीसीएस न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा 2018 की सीबीआई जांच की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है। याचिका में परीक्षा परिणाम निरस्त करने की मांग की गई थी। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल तथा न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने दिया है।
अनुराग त्रिपाठी व 141 अन्य की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया था कि पीसीएस जे 2018 की परीक्षा जिस दौरान हुई, उस दौरान आयोग में काफी भ्रष्टाचार हुआ है। ऐसे में इस परीक्षा को भी निरस्त किया जाना चाहिए और व्याप्त अनियमितता की जांच की जानी चाहिए।
राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अजित कुमार सिंह का कहना था कि संभावनाओं के आधार पर याचिका पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। परीक्षा नियंत्रक की गिरफ्तारी मात्र से परीक्षा की शुचिता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। कोर्ट ने याचिका में कोई ठोस तथ्य न पाते हुए हस्तक्षेप से इंकार कर दिया।