हाईकोर्ट से सुनवाई की मांग (सांकेतिक तस्वीर)
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उत्तर प्रदेश की 17 अन्य पिछड़ा वर्ग की जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के मामले में हाईकोर्ट से सुनवाई की मांग की गई है। इस मामले पर कोर्ट में पहले से याचिका लंबित है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय पर सुनवाई करने के लिए चीफ जस्टिस की बेंच के समक्ष उपस्थित होकर अधिवक्ता ने सुनवाई की मांग की है।
मांग कर रहे वकील का कहना था कि योगी सरकार का यह निर्णय गलत और असंवैधानिक है । वकील ने कोर्ट को बताया कि इस संबंध में याचिका लंबित है इस कारण उस पर सुनवाई होना जरूरी है ।
चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने अधिवक्ता से कहा कि चूंकि लंबित याचिका कोर्ट मे लगी नहीं है । इस कारण वह रजिस्ट्रार लिस्टिंग से मुकदमा लगाने का अनुरोध करें। मुकदमा जिस दिन लगेगा उस दिन कोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर अपना फैसला दे देगी ।
वकील का कहना था कि सरकार के इस निर्णय के बाद अधिकारी गलत तरीके से 17 ओबीसी जाति के लोगों को एससी का प्रमाणपत्र निर्गत कर रहे हैं।इस पर कोर्ट ने कहा कि केस जिस दिन लगेगा, उस दिन वह इस मुद्दे पर अपना निर्णय देगी।