कुछ लोगों ने अफसर की गाड़ी में तोडफ़ोड़ भी की। सूचना पर सीओ कर्नलगंज पहुंचे लेकिन लोगों का आक्रोश कम होने की बजाय बढ़ता ही गया। हालात ऐसे हुए कि मौके पर आरएएफ को बुलाना पड़ा। आरएएफ जवानों ने पहुंचकर स्थिति संभाली तब जाकर माहौल शांत हुआ। उधर भुक्तभोगी भ्अफसर ने थाने पहुंचकर तहरीर दी जिसके आधार पर तीन नामजद व अन्य कई अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच की जा रही है।
इस बीच व्यापारियों ने अवैध वसूली का आरोप लगाकर टीम को घेर लिया। हंगामा होता देख बीचबचाव के लिए जोनल अधिकारी ने पार्षद आनंद अग्रवाल को मौके पर बुलाया। पार्षद आनंद अग्रवाल के मुताबिक जोनल अधिकारी के बुलाने पर वह मौके पर पहुंचे तो व्यापारियों ने बताया कि किराना, कपड़ा आदि के 20 कारोबारियों से क्रमश: दो, तीन और पांच हजार रुपये टीम ने लिए, लेकिन रसीद सिर्फ तीन लोगों को दी।
हंगामा शांत कराकर उन्होंने बिना रसीद ली गई धनराशि लौटाने का सुझाव दिया। भीड़ से घिरे अफसरों और कर्मचारियों ने तुरंत बचाव में रकम लौटा दी। इस बीच वहां कर्नलगंज से पुलिस बुला ली गई। मामला शांत हो गया तो पुलिस और नगर निगम के कर्मचारी वापस हो गए।
देर शाम पार्षद आनंद अग्रवाल और जुर्माने की रसीद कटाने वाले व्यापारियों के खिलाफ नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज कराया। पार्षद के मुताबिक उन्हें बीचबचाव के लिए बुलाया गया था, जिस अफसर ने केस लिखाया वह तो मौके पर थे ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के प्रवर्तन दल में शामिल पूर्व सैन्य अधिकारी खास वर्दी पहनकर दिन भर वसूली कर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसकी उचित मंच पर शिकायत कर उनके खिलाफ क्रास केस दर्ज कराया जाएगा।