यूपी के 58 जिलों में आयोजित की गई थी परीक्षा
हालांकि, इस बाबत भी कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है कि पेपर परीक्षा केंद्र के स्तर से बाहर आया। वायरल हुए दोनों पेपर लाखों मोबाइल फोन तक पहुंचे, इसलिए इसकी जड़ तलाशने में अभी वक्त लगेगा। आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा प्रदेश के 58 जिलों के 2387 केंद्रों में आयोजित की गई थी। ऐसे में आयोग एक-एक केंद्र को खंगाल रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सभी 58 जिलों के नोडल अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई है।
उनसे पूछा गया है कि किस केंद्र में पेपर कितने बजे पहुंचा और पेपर का बंडल कब खुला। इस पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी फुटेज भी मांगी गई है। प्रश्नपत्रों को कोषागार में सुरक्षित रखवाना, वहां से निकलवाना और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाना स्थानीय प्रशासन के जिम्मे होता है और इसमें आयोग की कोई भूमिका नहीं होती है, सो सभी 58 जिलों के स्थानीय प्रशासन से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त हो और जांच किसी निष्कर्ष तक पहुंचे।