उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने आरओ/एआरओ-2017 के चयनितों में केवल 13 फीसदी अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम जारी किया है। बाकी अभ्यर्थियों को अपनी बारी आने का इंतजार है। आयोग 27 एवं 28 मई को केवल उन चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन करेगा, जिनका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और राजस्व परिषद के लिए हुआ है। इनके अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तर प्रदेश सचिवालय के लिए चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
आरओ/एआरओ-2017 के तहत कुल 809 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इनमें से केवल 663 पदों पर अंतिम चयन हुआ था और बाकी पद खाली रह गए थे। 663 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम 26 मार्च से तीन अप्रैल तक प्रस्तावित था लेकिन लॉक डाउन के कारण आयोग को कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां फंस गईं।
लॉक डाउन-4 में कुछ रियासत मिलने के बाद आयोग ने 27 एवं 28 मई को अभिलेख सत्यापन की तिथि निर्धारित की है लेकिन इस बार केवल 81 अभ्यर्थियों को आयोग में बुलाया गया है। इन अभ्यर्थियों का चयन यूपीपीएससी और राजस्व परिषद के लिए आरओ/एआरओ के पद पर हुआ है। बाकी 582 चयनित अभ्यर्थियों को अब भी अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम जारी होने का इंतजार है।
इस बारे में आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि यूपीपीएससी और राजस्व परिषद के चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही उत्तर प्रदेश सचिवालय के चयनितों के लिए अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
सत्यापन से वंचित होने पर एक अन्य अवसर
लॉक डाउन को देखते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने निर्णय लिया है कि अगर कोई अभ्यर्थी अपरिहार्य परिस्थितियों में निर्धारित तिथि पर सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे अभिलेख सत्यापन का अन्य अवसर प्रदान किया जाएगा।
खांसी, जुकाम वालों के अभिलेखों का सत्यापन नहीं
आयोग के सचिव के अनुसार जिन अभ्यर्थियों को खांसी, जुकाम या अन्य कोई बीमारी है, वे सत्यापन के लिए न आएं। ऐसे अभ्यर्थियों को अन्य अवसर दिया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को मास्क पहनकर आना है। गेट नंबर-दो पर पहुंचने पर उन्हें हैंडवॉश एवं सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा।