अचयनित अभ्यर्थियों आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
हालांकि बाद में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीआई जांच पूरी होने के बाद ही नियमितीकरण पर विचार किया जाएगा। अब अचयनित अभ्यर्थी आरोप लगा रहे हैं कि अपर निजी सचिवों ने सचिवालय प्रशासन विभाग के अफसरों से सांठगांठ करके कार्मिक विभाग और वित्त विभाग की सहमति को आधार बनाकर न्याय विभाग को नियमतीकरण के प्रस्ताव पर सहमति के लिए पत्रावली पुन: भेजवा दी है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय एवं मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने अभ्यर्थियों की बात रखते हुए मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि स्थायीकरण की प्रक्रिया पुन: शुरू करने वाले सचिवालय प्रशासन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराई जाए और सीबीआई जांच पूरी होने तक स्थायीकरण की प्रक्रिया को स्थगित करने के आदेश निर्गत किए जाएं।