श्रेणी ‘बी’ में ख्याति प्राप्त और सुविधा संपन्न वित्त पोषित शैक्षणिक संस्थाएं ही शामिल होंगी, जो पूर्व में संदिग्ध, विवादित या काली सूची में न रहीं हों। इसके साथ ही केंद्र की दूरी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कोषागार से 10 किमी की परिधि में होनी चाहिए और केंद्र शहरी आबादी में होने चाहिए। श्रेणी ‘ए’ में जिन संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर जोर दिया गया है, इनमें से ज्यादातर संस्थाएं पूर्व में आयोग की किसी भी परीक्षा में केंद्र नहीं रहीं हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए पत्राचार शुरू कर दिया गया है, लेकिन ज्यादातर संस्थानों ने प्रशासन को अभी तक अपना जवाब नहीं भेजा है। अगर केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज परीक्षा केंद्र बनने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो आयोग की बड़ी परीक्षाओं के लिए केंद्रों की कमी पड़ सकती है।