पारदर्शिता के नाम पर बदल दिए कई नियम
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि आयोग ने पारदर्शिता के नाम पर कई नियम बदल दिए। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के अंक सार्वजनिक नहीं किए जा रहे। अंतिम चयन परिणाम जारी होने के महीनों बाद भी प्राप्तांक एवं कटऑफ के लिए अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कई प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की अंतिम उत्तरकुंजी भी जारी नहीं की जा रही।
प्राप्तांक में स्केलिंग की जानकारी छिपाई जा रही है। समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत के अनुसार शासन ने आयोग को पत्र भेजकर निर्देश दिए थे कि अभ्यर्थियों की कॉपियां स्कैन कर वेबसाइट पर अपलोड की जाएं, लेकिन यह भी नहीं हुआ, बल्कि पारदर्शिता के नाम पर भर्तियों में भ्रष्टाचार बढ़ा है।
- प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांगें
- सीबीआई जांच में तेजी लाने के लिए एसआईटी का गठन हो
- ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी अन्य आरक्षित वर्गों के समान आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिले
- यूपीपीएससी पूर्व की भांति प्रारंभिक परीक्षा के अंक भी बताए
- यूपीपीएससी परीक्षा परिणाम वाले दिन ही प्राप्तांक एवं कटऑफ जारी करे। साथ ही अंतिम उत्तरकुंजी जारी हो
- अभ्यर्थियों की कॉपियां स्कैन कर यूपीपीएससी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएं
- भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर के साथ परीक्षाओं के पूर्ण होने की समय सीमा भी निर्धारित की जाए
- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग 22 विभिन्न प्रकार की भर्तियों के तहत हजार 30 पदों पर भर्ती प्रक्रिया से पूरी करे
- यूपीपीएससी की जो भी भर्तियां अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को स्थानांतरित की गईं थी, उन्हें वापस यूपीपीएससी से कराने की अनुमति दी जाए
- माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाई जाए और बोर्ड के अंदर बैठे नकल माफिया की जांच हो
- प्राथमिक शिक्षक भर्ती शीघ्र शुरू कराई जाए