सभी को सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार
एपीएस-2010 के मामले में सीबीआई ने शासन और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पत्र भेजकर अभियोजन स्वीकृति की अनुमति मांगी थी, लेकिन सीबीआई का पत्र अब तक शासन और आयोग में ही अटका है। दरअसल, लोकसेवकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीआई को अभियोजन स्वीकृति लेनी पड़ती है।
सूत्रों मुताबिक शासन स्तर के कुछ अफसर अभियोजन स्वीकृति की फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं, जिसकी वजह से एपीएस-2010 में धांधली के लिए जिम्मेदार लोग सीबीआई की पकड़ से बाहर हैं। अब सभी को सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार है, जो एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में दाखिल होनी है। स्टेटस रिपोर्ट आने के बाद काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि सीबीआई की जांच कहां तक पहुंची है।
वहीं, प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि सीबीआई जांच को पांच साल होने जा रहे हैं। अब तक हजारों अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए गए, कई परीक्षाओं में गड़बड़ी के सुराग मिलने पर मुकदमे भी दर्ज किए गए, लेकिन कोई सीधी कार्रवाई न होने के कारण जांच से अब भरोसा उठने लगा है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय ने समिति की मांगों को दोहराते हुए कहा है कि सीबीआई को तत्काल अभियोजन स्वीकृति दी जाए और जांच में तेजी लाने के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।