उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) दिसंबर के अंत तक एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर सकता है। हालांकि इसमें सभी सीटें भर पाना मुश्किल नजर आ रहा है। 68500 शिक्षक भर्ती की तरह इस भर्ती परीक्षा में भी न्यूनतम अर्हता अंक की अनिवार्यता लागू की गई थी। हालांकि, अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम अर्हता अंक की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए 15 मार्च से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके तहत राजकीय स्कूलों में 15 विषयों में 10768 शिक्षकों की भर्ती होनी है। इनमें 5364 पद पुरुष और 5404 पद महिला शिक्षकों के हैं। भर्ती केवल लिखित परीक्षा से होनी है।
यह परीक्षा 29 जुलाई को प्रदेश में 39 जिलों के 1760 केंद्रों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए कुल सात लाख 63 हजार 317 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे, जिनमें से 52.3 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा का परिणाम दिसंबर के अंत तक जाने की उम्मीद है।
आयोग अभी आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा और आरआई टेक्निकल परीक्षा का परिणाम घोषित करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित किया जाएगा। पिछले दिनों 68500 शिक्षक भर्ती का परिणाम आया था, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी न्यूनतम अर्हता अंक भी प्राप्त नहीं कर सके और हजारों पद खाली रह गए। ऐसे में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की भी यही हालत हो सकती है।
हालांकि, अभ्यर्थी इस मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं कि परीक्षाओं से न्यूनतम अंक की अनिवार्यता समाप्त की जाए। कई अभ्यर्थियों ने तो कोर्ट भी याचिका दाखिल कर रखी है। आयोग के कुछ अफसरों का मानना है कि न्यूनतम अर्हता अंक के कारण एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में भी सभी सीटें भर पाना मुश्किल नजर आ रहा है।