मुख्यालय से 10 किमी के दायरे की अनिवार्यता की गई खत्म
अब अभ्यर्थियों के आंदोलन के बाद आयोग ने जब एक दिन में परीक्षा कराने का निर्णय लिया है तो पीसीएस परीक्षा को विशिष्ट मानते हुए केवल इसी परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की नीति को शिथिल किया गया है और शहर से 10 किमी के दायरे से बाहर भी परीक्षा केंद्र बनाने की छूट दे दी गई है। लेकिन शासन की जारी गाइडलाइन में आरओ/एआरओ परीक्षा विशिष्टता की श्रेणी में शामिल नहीं हैं।
ऐसे में अगर आयोग को आरओ/एआरओ परीक्षा एक दिन में करानी है तो इस परीक्षा को भी विशिष्टता की श्रेणी में शामिल करते हुए केंद्र निर्धारण की नीति को शिथिल करना होगा। आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए 10,76,004 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरे हैं। जब पीसीएस परीक्षा के लिए मानक के अनुरूप केंद्र नहीं मिल रहे थे तो आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्र कहां से आएंगे।
दो बार स्थगित हो चुकी पीसीएस की परीक्षा
इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने आरओ/एआरओ परीक्षा भी दो दिन कराने का निर्णय लिया था, जिसे अब स्थगित कर दिया गया है। अब आयोग की ओर से गठित समिति को रिपोर्ट देनी है कि परीक्षा कैसे होगी और आयोग को उस समिति की रिपोर्ट पर निर्णय लेना है। इससे पूर्व 11 फरवरी 2024 को आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 प्रदेश में 58 जिलों के 2387 केंद्रों में हुई थी, जो पेपर लीक के कारण स्थगित कर दी गई।
आयोग को जब पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए मानक के अनुरूप प्रदेश के सभी 75 जिलों में 4,35,074 अभ्यर्थियों के लिए केवल 978 केंद्र ही मिल सके तो आरओ/एआरओ परीक्षा के 10.76 लाख अभ्यर्थियों के लिए 2387 केंद्रों की व्यवस्था कर पाना बड़ी चुनौती होगी। अगर इतनी संख्या में केंद्र नहीं मिले तो परीक्षा दो दिन कराने के विकल्प को अपनाना ही पड़ेगा।