बिजली बिल के मद में जमा किए जाने वाले करोड़ों रुपये डकार लिए गए हैं। उपभोक्ताओं ने तो अपने बकाये बिलों को जमा किया, लेकिन न तो बिजली विभाग के खाते में राजस्व जमा हुआ ना ही किसी का बिल चुकता हो सका। बिजली बिलों के नाम पर इस हेराफेरी का पता न उपोभक्ताओं को चला न बिजली विभाग को। अब मामला सामने आने के बाद इस मामले में एक कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
मामला विद्युत वितरण खंड मेजा से जुड़ा है। दरअसल वहां पूरे एक साल के बिजली बिल को कुछ लोग बिना जमा किए ही हजम कर गए। इस डिवीजन में बिजली बिलों की रकम वसूलने के बाद विभाग के खाते में जमा ही नहीं की गई। वर्ष 2017 में वर्ष भर के बिजली बिलों की रकम डकार ली गई है। अब तक की जांच में करीब 2.50 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आ रही है।