पीएम ने अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा कि परिवारवादी, भाई-भतीजावाद, जातिवादी, अफवाहवादी और पलायनवादी के साथ वह लोग अब अंधविश्वासी भी हो गए हैं। अंधविश्वास के कारण बिजनौर और नोएडा नहीं जाते हैं। ताकि कुर्सी न चली जाए। यह यूपी के लोगों का अपमान है। नोएडा और बिजनौर से आने वाले टैक्स पर मलाई मारने के लिए तैयार हैं, लेकिन वहां जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 2017 की पहले वाली सरकारों ने यहां के नौजवानों के साथ छल किया। उस समय नौकरी का पैमाना भाई-भतीजावाद, परिवारवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद और नोटों का बंडल होता था। योगी की सरकार में बिना किसी भेदभाव के युवाओं को नौकरियां दी गईं। उन लोगों ने दस साल में दो लाख लोगों को नौकरी दी जबकि योगी सरकार ने पांच साल में पांच लाख लोगों को रोजगार दिया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कई बार अनुप्रिया पटेल, डॉ. संजय निषाद का नाम लिया। डॉ. सोनेलाल से अपने पुराने संबंधों को भी याद किया।