उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) में सदस्यों के सभी रिक्त पद जल्द ही भर लिए जाएंगे। दो नए सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है और एक अन्य सदस्य की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। सदस्यों की संख्या पूरी होने के बाद आयोग को बड़ी राहत मिलेगी। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया अब समय से पूरी होने की उम्मीद है।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए तीन चरणों में लिखित परीक्षा आयोजित की जा चुकी है और अनंतिम उत्तरकुंजी जारी करते हुए आयोग ने आपत्तियां भी प्राप्त कर ली हैं। अब आपत्तियों की फाइलिंग की जा रही है।
आयोग की तैयारी है कि जनवरी में आपत्तियों का निस्तारण करते हुए फरवरी में लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जाए। लिखित परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद इंटरव्यू की तिथि घोषित की जाएगी और इसी आधार पर अंतिम चयन होगा।
आयोग में सदस्यों के छह पद हैं। इनमें से तीन पद खाली थे। सोमवार को नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है। डॉ. विनोद कुमार सिंह और डॉ. राजनारायण को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं, एक अन्य सदस्य की नियुक्ति के लिए भी विज्ञापन जारी किया गया था, जिसके तहत आवेदन की प्रक्रिया 10 दिसंबर को पूरी हो चुकी है और जल्द ही नए सदस्य की नियुक्ति भी कर दी जाएगी।
इसके बाद आयोग में सदस्यों के सभी रिक्त पद भर जाएंगे। इंटरव्यू बोर्ड सदस्यों की अगुवाई में ही बनता है। आयोग के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा का कहना है कि नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में तेजी जाएगी और भर्ती प्रक्रिया समय से पूरी हो सकेगी।