इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने मंगलवार को कोर्ट में एक केस की बहस खत्म होने के बाद मुख्य न्यायमूर्ति से अनुरोध किया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के 40 प्रतिशत से अधिक अधिवक्ता डेंगू से पीड़ित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि शहर का कॉल्विन अस्पताल, बेली अस्पताल तथा अन्य सरकारी अस्पताल डेंगू के मरीजों से भर गया है।
उन्होंने मुख्य न्यायमूर्ति से अनुरोध किया कि कोर्ट सरकार के वकीलों से कहे कि वे शहर में डेंगू की रोकथाम के लिए तत्काल जरूरी सघन छिड़काव करें ताकि डेंगू के फैलने पर रोक लग सके। मुख्य न्यायमूर्ति ने बार के अनुरोध पर कोर्ट में उपस्थित अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से कहा कि वह कोर्ट को एक बजेे भोजनावकाश के लिए उठने से पहले बताएं कि प्रशासन जरूरी छिड़काव के लिए क्या कर रहा है।
कोर्ट के निर्देश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया की डेंगू की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाया जा रहा है। बताया गया कि जगह-जगह जरूरी छिड़काव भी हो रहा है और इसे अब और तेज गति दिया जाएगा ताकि डेंगू के फैलाव को रोका जा सके। मुख्य न्यायमूर्ति ने इस मामले को गंभीरता से लिया तथा जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने यूपी सरकार को इस संबंध में ठोस कदम उठाने को भी कहा।
उन्होंने ने कोर्ट में उपस्थित बार के अध्यक्ष से कहा कि वह ब्लड डोनेशन के लिए कैंप भी लगाएं ताकि लोग सुरक्षा से ब्लड डोनेट करें और इसका जरूरत पड़ने पर उपयोग हो सके। मुख्य न्यायमूर्ति ने मंगलवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान कई केसों की सुनवाई इस कारण भी टाल दी कि कोर्ट को बताया गया कि बहस करने वाले अधिवक्ता डेंगू से पीड़ित हैं।