महामंडलेश्वरों की टोली का गठन किया गया
सनातन हिंदू संस्कृति की गरिमा को अक्षुण बनाए रखने के लिए संघर्ष करने वाले महामंडलेश्वरों की टोलियों का गठन किया गया है। उनके साथ संतों की टीमें गांव-शहर में लगातार कैंप कर रही है। महंत हरि गिरि के मुताबिक जूना अखाड़ा और निरंजनी अखाड़े के संतों की टीमें सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदू राष्ट्र के एजेंडे पर काम करने वाली पार्टी को जिताने के लिए मेहनत कर रही हैं। इसके लिए रणनीति बनाकर काम किया जा रहा है।
इसी तरह शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष और धर्म संसद के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप के नेतृत्व में साधु-संतों ने प्रचार के लिए हेल्प लाइन जारी की है। इस हेल्पलाइन से जुड़कर 36 युवा संतों की टीम दिन रात काम कर रही है। स्वामी आनंद स्वरूप बताते हैं कि स्वामी प्रबोध नंद, स्वामी सागर सिंधुराज, स्वामी विनोद महाराज को अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
युवा संन्यासियों को भी लगाया गया
इस संतों के साथ कई मठों के युवा संन्यासियों को भी लगाया गया है, जो अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण के साथ ही मथुरा की मुक्ति के लिए काम करने वाली पार्टी को जिताने के लिए लोगों से अपील कर रहे हैं।
हेल्पलाइन से प्रतिदिन फोन कर लोगों को हिंदुत्व के मुद्दे पर वोट देने की अपील की जा रही है। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि कहते हैं कि संन्यासी के हाथ में उत्तर प्रदेश की कमान फिर सौंपी जाए, इसके लिए साधु-संत लगे हुए हैं। अनुयायियों को संदेश भेजा जा रहा है, ताकि वह हिंदुत्व के मुद्दे पर खुल कर मतदान करें।
100 अधिक टोलियां यूपी में लगाई गईं
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम के मुताबिक संतों की सौ से अधिक टोलियों को यूपी के अलग-अलग इलाके में प्रचार के लिए लगाया गया है। परिषद की यह टोलियां सिर्फ योगी आदित्यनाथ के लिए लगाई गई हैं। ब्रह्माश्रम कहते हैं कि अपराध और आतंकवाद की जड़ों को योगी ने जिस तरह से कमजोर किया है, उससे जनता का भरोसा बढ़ा हैै और यही वजह है कि संत योगी सरकार को फिर से लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।
स्वामी ब्रह्माश्रम बताते हैं कि यह जन संपर्क अभियान पूरे चुनाव तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि वोटरों से अपील की जा रही है कि उसे ऐसी सरकार चुननी है, जिसका नेतृत्व ईमानदार हो, जो सरकार सांस्कृतिक एवं निर्माण का कार्य करे। जात-पात से मुक्त राजनीति कर समरसता का माहौल तैयार करे।
राम मंदिर बनवाने वाली सरकार को ही फिर से लाएंगे
रामानुज नगर प्रबंध समिति (आचार्यबाड़ा) के कोषाध्यक्ष जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज की मानें तो संत समाज राम भक्त सरकार बनाने के लिए प्रचार कर रहा है। पूरी कोशिश हो रही है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जो सरकार करवा रही है, उसे आगे भी बने रहना चाहिए। महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने तो सीएम योगी के नामांकन के दिन पूजा कराने के बाद से ही प्रचार का जिम्मा संभाल लिया है।
संतों का नारा: मेरा वोट- अपराधियों पर चोट
प्रयागराज। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी बिमल देव आश्रम भी प्रयागराज और आसपास के इलाकों में अपने शिष्यों के साथ कैंप कर रहे हैं। वह बताते हैं कि संतों की टोली अपने संपर्क अभियान में अधिक से अधिक मतदान कर ईमानदार सरकार चुनने की अपील कर रही है। संतों ने इस चुनाव में नारा भी दिया है। साधु-संतों की ओर से ‘मेरा वोट-आतंकवादियों पर चोट, मेरा वोट-अपराधियों पर चोट’ के नारे लगवाए जा रहे हैं।