प्रदेश अध्यक्ष होने के दौरान 265 प्लस का केशव ने किया था दावा
केशव के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनके नेतृत्व में ही वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा गया। इस दौरान उन्होंने जब 265 प्लस सीट जीतने का दावा किया तो वह विपक्षी दल के नेताओं के निशाने पर आ गए। लेकिन जब विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया तो सभी की बोलती बंद हो गई। उक्त चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने 325 सीट जीतकर इतिहास रच दिया। योगी सरकार का जब गठन हुआ तो केशव को डिप्टी सीएम की कुर्सी दी गई।
चाय और अखबार बेचते सीखा राजनीति का ककहरा
प्रयागराज। केशव प्रसाद मौर्य कभी कौशांबी के सिराथू कस्बे में एक छोटी सी दुकान में पिता के साथ चाय और अखबार बेचते थे। केशव ने इसी दुकान में चाय पीने आने वाले सियासत दां से राजनीति का ककहरा सीखा। वर्ष 1989 में अयोध्या आंदोलन के दौरान विहिप से जुड़े कई नेता उनकी दुकान पर आते थे, जिनकी संगत में केशव विहिप की विचारधारा से प्रभावित होकर संगठन से जुड़े।
फिर वह प्रयागराज आ गए और विहिप का कामकाज संभालने लगे। जल्द ही वह विहिप के दिग्गज अशोक सिंहल के चहेते बन गए। अपनी कार्यशैली से छाप छोडऩे वाले केशव ने समय के साथ चलते हुए भाजपा का दामन थामकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उनके करीबी अरुण अग्रवाल बताते हैं कि संगठनात्मक क्षमता और वाकपटुता में वह अन्य नेताओं से काफी आगे हैं।