तेजी से हो रहे शहरीकरण के दौर में किसी भी शहर में एक साथ तीन हजार वर्ग मीटर जमीन मिलना मुश्किल ही है। वहीं ग्रामीण इलाके में पहले 02 हजार वर्ग मीटर भूमि का क्षेत्रफल निर्धारित था। अब इसे बढ़ाकर न्यूनतम छह हजार वर्ग मीटर कर दिया गया है।
वहीं अब सीबीएसई की तरह विद्यालय भवन के निरीक्षण के दौरान जनपदीय समिति विद्यालय भवन, प्रयोगशाला, खेल के मैदान, बाउंड्रीवॉल, पुस्तकालय की वीडियोग्राफी करेगी, जिसे परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही पेनड्राइव में संरक्षित कर निरीक्षण आख्या के साथ संलग्न की जाएगी। इसके साथ ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए मान्यता सर्वप्रथम तीन वर्ष के लिए प्रदान की जाएगी। इसके बाद स्थलीय निरीक्षण में उपयुक्त पाए जाने पर परिषद द्वारा पांच वर्ष के लिए नवीनीकरण किया जाएगा।
आउटडोर-इनडोर गेम के साथ जिम भी होना अनिवार्य
वहीं मान्यता की नई शर्तों में क्रीड़ास्थल पर भी काफी ध्यान दिया गया है। इसके तहत नई मान्यता लेने वाले विद्यालयों को एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबाल, बास्केटबॉल, बैंडमिंटन, लॉन टेनिस, ओपन जिमभनेजियम एवं अन्य आउटडोर के साथ इनडोर गेम की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।