एक उत्तर पुस्तिका को जांचने के लिए जितना भुगतान किया जाता है, इन दो विषयों में उसका दोगुना भुगतान होता है। विज्ञान में तो बात समझ आती है, लेकिन सामाजिक विज्ञान में पढ़ाई के दौरान तो एक ही शिक्षक पूरा पाठ्यक्रम पढ़ाता है। इसके बावजूद मूल्यांकन के लिए दो-दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है।
एक उत्तर पुस्तिका को दो लोग जांचते हैं तो थोड़ी असुविधा भी होती है। मेरा मानना है कि सामाजिक विज्ञान में जब एक शिक्षक ही पूरा पाठ्यक्रम पढ़ाता है, तो मूल्यांकन के लिए दो लोगों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। इससे प्रबंधन पर भी असर पड़ता है और भुगतान भी बढ़ता है। - प्रमोद श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य कुलभास्कर, इंटर कॉलेज प्रयागराज
प्रदेश में अब तक जांची गईं 1.35 करोड़ कॉपियां
प्रदेश भर में हाईस्कूल और इंटर की अब तक 1.35 करोड़ कॉपियां जांची गई हैं। कुल 259 मूल्यांकन केंद्रों पर बुधवार को अब तक की सबसे ज्यादा 39,76,223 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ। जिले के सभी नौ केंद्रों पर मूल्यांकन सामान्य रूप से हुआ।