नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बड़ा बदलाव किया है। अब कक्ष निरीक्षकों की मनमानी नहीं चल पाएगी। उनकी जहां पर तैनाती की जाएगी, उन्हें वहीं पर अपनी सेवाएं देनी होंगी। इसके लिए यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के कक्ष निरीक्षकों का पूरा ब्योरा तैयार करेगा।
इसके लिए यूपी बोर्ड कक्ष निरीक्षकों को क्यूआर कोड एवं क्रमांकयुक्त कंप्यूटराइज्ड परिचय पत्र देगा। वहीं उनकी तैनाती जिला विद्यालय निरीक्षक को तय करनी होगी। यूपी बोर्ड में ऐसी व्यवस्था पहली बार होने जा रही है। इससे पहले कक्ष निरीक्षकों को हाथ से लिखा परिचय पत्र दिया जाता था।
जिला विद्यालय निरीक्षक ही परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाएंगे। बता दें कि परीक्षा कक्षों में करीब 2.75 लाख कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। यह परिचय पत्र परीक्षा प्रारंभ होने से एक सप्ताह पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर अपलोड कर उनके आवंटित परीक्षा केंद्रों का विवरण अंकित कर संबंधित कक्ष निरीक्षकों को दिया जाएगा।
हमारा उद्देश्य नकल विहीन परीक्षा कराना है। इसके लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। नई व्यवस्था का लाभ निश्चित तौर पर मिलेगा। यह यूपी बोर्ड की परीक्षा में पहली बार होने जा रहा है।
- दिव्यकांत शुक्ल, सचिव, यूपी बोर्ड