उत्तर प्रदेश बोर्ड : यूपी बोर्ड
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विद्यार्थी को उसी वास्तविक मेहनत का ही परिणाम मिलेगा। नारायणी आश्रम इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य विभा मिश्रा मानती हैं कि आज के हालात को दउेखते हुए बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय स्पष्ट रूप से विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के हित में लिया गया है। विद्यार्थियों को आंतरिक व प्री बोर्ड परीक्षा में अंकों के आधार पर उत्तीर्ण करने से उनकी प्रतिभा का सही मूल्यांकन नहीं हो सकेगा, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
शिव चरण दास कन्हैया लाल इंटर कॉलेज में 10वीं के छात्र विपिन कुमार यूपी बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय और फार्मूले से संतुष्ट हैं। वहीं, नारायणी आश्रम बालिका इंटर कॉलेज में 10वीं की छात्र रिया मौर्य का कहना है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से परीक्षा निरस्त करने का निर्णय बिल्कुल सही है, लेकिन इसका असर हमारे भविष्य से जुड़ी पहली मार्कशीट पर पड़ेगा। विद्यालय द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर हमारा अंकपत्र तो बन जाएगा, लेकिन परीक्षा के लिए हमने जो मेहनत की थी, उसे प्रदर्शित करने के लिए पहला मौक हमें नहीं मिलेगा।
शिव चरण दास कन्हैया लाल इंटर कॉलेज में बारहवीं के छात्र प्रतीक प्रजापति का कहना है कि बोर्ड की ओर से तैयार किया गया फार्मूला प्रशंसनीय है। इस फार्मूले से किसी छात्र का अहित नहीं हो सकता। नारायणी आश्रम बालिका इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा श्रुति यादव का कहना है कि कोरोना काल में परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले का हम स्वागत करते हैं, लेकिन यही अवसर होता है जब हम अपने साल भर की मेहनत का प्रदर्शन करते हैं। उम्मीद करते हैं कि बोर्ड के निर्धारित फार्मूले से हमें उचित परिणाम मिलेगा।