यूपी बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद हर साल लाखों की संख्या में परीक्षार्थी अलग-अलग त्रुटियों को ठीक कराने के लिए बोर्ड का चक्कर लगाते हैं। अभी तक बोर्ड में इससे संबंधित 60 हजार से अधिक मामले अटके थे, जिनमें किसी ना किसी प्रकार की त्रुटि थी। इसको देखते हुए यूपी बोर्ड ने जून में विशेष अभियान चलाकर जिलों में कैंप लगाया और वहां पर इस प्रकार के मामलों को खत्म किया।
ऐसे में यूपी बोर्ड इस बार कोई चूक नहीं करना चाहता है। जिससे परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद किसी भी प्रकार की त्रुटि रह जाए। इसको देखते हुए बोर्ड ने परीक्षार्थियों के शैक्षिक विवरणों जैसे नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जेंडर, जाति, फोटो और विषयों आदि में त्रुटियों के निराकरण का अंतिम मौका दिया है। पूर्व में भी बोर्ड ने मौका दिया था। लेकिन, कई विद्यालयों ने फिर मौका देने की मांग की थी। इसको देखते हुए बोर्ड सचिव ने त्रुटियों में सुधार की अनुमति दे दी।
यूपी बोर्ड के प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा है कि प्रधानाचार्यों से संपर्क करके पांच दिसंबर तक त्रुटियों में सुधार कराकर उसे हर हाल में क्षेत्रीय कार्यालय में उपलब्ध कराएं। इसके बाद भी अगर परीक्षा के अंतिम समय में किसी भी प्रकार की त्रुटियों की जानकारी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित जिलों के डीआईओएस और स्कूल के प्रधानाचार्य होंगे।