सामान्य रूप से प्रथम श्रेणी में 3 लाख 92 हजार 181 छात्राएं और 3 लाख 10 हजार 114 छात्र उत्तीर्ण हुए हैं, जिनका प्रतिशत क्रमश: 40.61 एवं 31.77 है। इस नजरिये से भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने के मामले में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। छात्रों के मुकाबले 8.22 फीसदी अधिक छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं। द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होने के मामले में छात्र आगे रहे। इनका प्रतिशत 47.51 फीसदी रहा, जबकि 39.29 फीसदी छात्राएं भी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुई हैं। तृतीय श्रेणी में 5.15 फीसदी छात्र और 3.84 फीसदी छात्राएं उत्तीर्ण हुईं। यही स्थिति पिछली बार भी थी।
2022 की यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षा में सम्मान सहित प्रथम श्रेणी में 4.30 फीसदी छात्र व 6.81 फीसदी छात्राएं और सामान्य रूप से प्रथम श्रेणी में 36.80 फीसदी छात्र व 46.44 फीसदी छात्राएं उत्तीर्ण हुई थीं।
वहीं, पिछले वर्ष द्वितीय श्रेणी में 46.36 फीसदी छात्र व 38.41 फीसदी छात्राएं और तृतीय श्रेणी में 4.58 फीसदी छात्र एवं 3.69 फीसदी छात्राएं उत्तीर्ण हुई थीं। यही स्थिति वर्ष 2017, 2018, 2019 और 2022 की परीक्षा में भी रही। हर बार प्रथम श्रेणी और सम्मान सहित प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने के मामले में बेटियों ने ही बाजी मारी।