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UP Board : प्रदेश के 896 शिक्षक डिबार, परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमिता पर कार्रवाई

Sat, 17 Jan 2026 09:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश भर के 896 अध्यापकों को डिबार कर दिया है। इनमें प्रतापगढ़ जिले का भी एक शिक्षक शामिल है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश भर के 896 अध्यापकों को डिबार कर दिया है। इनमें प्रतापगढ़ जिले का भी एक शिक्षक शामिल है, जिसने नाम बदलकर दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी निभाने की कोशिश की। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर उसे आजीवन डिबार कर दिया गया है।
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परिषद की जांच में सामने आया कि कई अध्यापकों ने मूल्यांकन के दौरान छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया। किसी ने बिना कारण कम अंक दे दिए तो किसी ने अनुचित तरीके से छात्रों को अनुत्तीर्ण कर दिया। ऐसे मामलों में दोषी शिक्षकों को तीन से पांच वर्ष तक डिबार किया गया है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि बिजनौर के दारानगर विदुरकुटी के एक अध्यापक ने एवार्ड ब्लैंक में केवल बाह्य परीक्षक द्वारा दिए गए अंक ही प्रेषित कर दिए, उन्हें दो वर्ष के लिए डिबार किया गया। सहारनपुर के एक इंटर कॉलेज के शिक्षक ने 77 अंकों के स्थान पर मात्र 34 अंक दे दिए, जिस पर उन्हें तीन वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया। मुरादाबाद के एक शिक्षक ने प्रयोगात्मक परीक्षा में मोबाइल से नकल की सूचना नहीं दी।
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वहीं, जौनपुर के गौरा बादशाहपुर क्षेत्र के एक शिक्षक ने बोर्ड परीक्षा की सी-कॉपी का मूल्यांकन नहीं किया। जालौन के एक इंटर कॉलेज के प्रवक्ता ने गणित विषय में 44 अंकों को बढ़ाकर 75 अंक कर दिया। इन सभी मामलों में संबंधित शिक्षकों को तीन वर्ष के लिए डिबार किया गया है। इसके अलावा बहराइच के एक शिक्षक ने अग्रसारण त्रुटि में 60 अंकों के स्थान पर मात्र 6 अंक दर्ज किए। मऊ जिले के एक शिक्षक द्वारा कम अंक देने के कारण मामला न्यायालय तक पहुंचा, जिस पर उन्हें पांच वर्ष के लिए डिबार किया गया।

मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की एक महिला अध्यापिका और आगरा के एक इंटर कॉलेज को भी मूल्यांकन में त्रुटि के चलते तीन वर्ष के लिए डिबार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज से 241, वाराणसी से 217, मेरठ से 204, गोरखपुर से 121, बरेली से 113 अध्यापकों को डिबार किया गया है।
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