विज्ञापन वर्ष 2021 के तहत टीजीटी के 77 और प्रवक्ता संवर्ग के 22 यानी कुल 99 और विज्ञापन वर्ष 2016 के तहत टीजीटी के चार एवं प्रवक्ता संवर्ग के दो पदों (कुल छह) पर चयनित अभ्यर्थियों को भी पूर्व में आवंटित संस्था में पद रिक्त न होने के कारण नियुक्ति नहीं मिल सकी थी। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने संबंधित जिलों में पद रिक्त न होने के कारण समायोजन के लिए कोई संस्था प्रस्तावित नहीं की थी।
अब चयन बोर्ड ने ऐसे सभी चयनित अभ्यर्थियों को समायोजित कर दिया गया है। चयन बोर्ड के सचिव नवल किशोर के अनुसार तदर्थ शिक्षकों के स्थान पर भेजे गए चयनित अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण न कराके उनके समायोजन का प्रस्ताव प्रेषित किया जाना सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विपरीत है। अगर तथ्यों को छिपाकर ऐसा किया गया होगा तो इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
दस अभ्यर्थियों का नहीं हुआ समायोजन
पद उपलब्ध न होने के कारण कुल 10 अभ्यर्थियों का समायोजन नहीं किया जा सका। इनमें वर्ष 2021 के विज्ञापन के तहत टीजीटी एवं पीजीटी संवर्ग के चार-चार चयनित अभ्यर्थी और 2016 के विज्ञापन के तहत टीजीटी एवं पीजीटी संवर्ग के एक-एक चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। सचिव के अनुसार पद उपलब्ध होने पर इनका समायोजन किया गया जाएगा।
प्रतियोगी छात्रों की मांग, शीघ्र शुरू हो नई भर्ती
टीजीटी एवं पीजीटी के चयनित अभ्यर्थियों को समायोजित किए जाने के बाद प्रतियोगी छात्रों ने मांग की है कि टीजीटी एवं पीजीटी के पांच हजार से अधिक पदों पर नई भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान कहना है कि चयन बोर्ड को काफी पहले ही पांच हजार से अधिक रिक्त पदों का अधिचायन मिल चुका है। चयन बोर्ड अगर अपना पोर्टल 10 से 15 दिनों के लिए खोल देता है तो रिक्त पदों की संख्या बढ़ जाएगी और ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर भी बढ़ेंगे। नई भर्ती पर वार्ता के लिए चयन बोर्ड के अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा गया था। मई के तीसरे हफ्ते में उनसे मिलने का समय दिया गया है।