हॉस्टल विवाद को लेकर कैमरे पर आए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी
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मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू शामिल नहीं हुए। उनका नाम राष्ट्रपति से मिलने वालों की सूची से भी हटा दिया गया। इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि इविवि प्रशासन का दावा है कि कुलपति बीमार होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
राष्ट्रपति शुक्रवार को एमएनएनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इससे पहले उनका जो कार्यक्रम आया था, उसके तहत राष्ट्रपति को इविवि के विज्ञान संकाय में भी एक कार्यक्रम में आना था। उसी वक्त चर्चाएं शुरू हो गईं थीं कि जिस तरह इविवि में शिक्षक भर्ती, वित्तीय मामलों में अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं और शिकायत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से लेकर राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गई है, उन परिस्थितियों राष्ट्रपति का इविवि का दौरा स्थगित हो सकता है। हुआ भी यही और बाद में उनका विश्वविद्यालय का दौरा स्थगित हो गया। कुलपति शुक्रवार को इलाहाबाद में थे और एमएनएनआईटी परिसर में ही उनका आवास है। इसके बावजूद उनका कार्यक्रम में शामिल न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि कार्यक्रम में इविवि की ओर से चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे, रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव और पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो. आरकेपी सिंह शामिल हुए।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए जो सूची पहले जारी की गई थी, उसमें कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू का नाम था लेकिन बाद इसे भी संशोधित कर दिया गया और सूची से कुलपति का नाम हटा दिया गया। इस बारे में इविवि के पीआरओ प्रो. हर्ष कुमार का कहना है कि कुलपति 11 दिसंबर की रात से बीमार चल रहे हैं। ठंड लग जाने के कारण कमर में दर्द है और बुखार भी आ रहा है। तीन दिन से विश्वविद्यालय भी नहीं आए हैं। डॉक्टर ने पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी है। उन्होंने अपनी अस्वस्थता की सूचना राष्ट्रपति भवन को भी दे दी थी। इसी वजह से मुलाकतियों की सूची से उनका नाम हटाकर उनकी जगह एमएनएनआईटी के पुरा छात्र अनुराग श्रीवास्तव को मिलने का समय दिया गया।