थाना क्षेत्र अंतर्गत नए यमुना पुल से बुधवार दोपहर एक अधेड़ ने भतीजे के सामने नदी में छलांग लगा दी। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अधेड़ का शव नदी से बाहर निकाला गया। परिजनों ने बताया कि वह घर से शहर में रहने वाले भतीजे से मिलने की बात कहकर निकले थे।
उनका का कहना है कि मंगलवार को बकाया लोन की रिकवरी को लेकर कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे, इसके बाद से ही वह काफी परेशान थे। हालांकि परिजनों ने नैनी पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार थे।
शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के बजड्डी गांव निवासी दिनेश कुमार तिवारी (55) बुधवार को शहर में रहने वाले भतीजे रामजीत से मिलने की बात कहकर निकले थे। चाचा व भतीजे की फोन पर बात भी हुई। दो घंटे तक जब दिनेश नहीं पहुंचे तो रामजीत ने उन्हें खोजते हुए नए यमुना पुल पर पहुंच गया।
यहां उसने देखा के दिनेश पुल की रेलिंग पर बैठे थे। वह जब तक कुछ समझ पाता चाचा ने नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर आधे घंटे बाद नैनी पुलिस मौके पर पहुंची और फिर नदी में गोताखोरों को उतारा गया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव को नदी से बाहर निकाला।
गांव के लोगों ने बताया कि मंगलवार बैंक के लोन की रिकवरी को लेकर कुछ लोग गांव गए थे, इसके बाद से ही वह ज्यादा परेशान थे। मृतक के भाई रामजीत तिवारी ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने नैनी पुलिस को लिखित रूप में बताया कि वह कई दिनों से बीमारी के कारण मानसिक रूप से तनाव में चल रहे थे। इस वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है।
घटना के बाद मृतक की पत्नी माधुरी तिवारी, बेटे विजय कुमार तिवारी, रुपेश तिवारी, सूरज तिवारी का रो-रोकर बुरा हाल है। नैनी इंस्पेक्टर ब्रज किशोर गौतम ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। परिजनों ने बीमारी की बात लिखकर दी है। अगर वह किसी पर आरोप लगाते हैं तो उसकी जांच की जाएगी।