फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज : उस्मान, गुलाम और असद की गोलियां खाने के बाद भी जूझ रहा था उमेश, गुड्डू मुस्लिम के बम ने ले ली जान

Fri, 17 Mar 2023 01:08 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल की हत्या के दौरान गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच पहुंची उनकी भतीजी उस खौफनाक मंजर को याद कर अब भी कांप जाती है। गोलियों की बरसात और बम के धमाकों की आवाज सुनकर निकली भतीजी जब शूटरों के बीच पहुंची, तब उमेश ने अपनी फिक्र न करते हुए सबसे पहले उसे घर में भाग जाने की हिदायत दी थी ।
विज्ञापन
umesh pal murder case - फोटो : वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उमेश पाल की हत्या के दौरान गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच पहुंची उनकी भतीजी उस खौफनाक मंजर को याद कर अब भी कांप जाती है। गोलियों की बरसात और बम के धमाकों की आवाज सुनकर निकली भतीजी जब शूटरों के बीच पहुंची, तब उमेश ने अपनी फिक्र न करते हुए सबसे पहले उसे घर में भाग जाने की हिदायत दी थी । तब शूटर गुलाम से लड़ते हुए उमेश ने आखिरी बार भतीजी से कहा था कि बिटिया तुम भाग जाओ। चीखते हुए किशोरी के भागने के कुछ सेकेंड के भीतर ही गली में गुड्डू मुस्लिम ने बम फेंक दिया था, जिससे उमेश की जान ले ली।

इस हत्याकांड की चश्मदीद बार-बार बेसुध हो जा रही है। घटना के दूसरे दिन ही परिजनो ने उसे नानी के घर भेज दिया। वहां भी वह घटना को याद कर दहल जा रही है। अरअसल जब उस्मान ने उमेश पर गोली चलाई और गुड्डू मुस्लिम ने क्रेटा कार के आसपास बम बरसाना शुरू किया, तब सबसे पहले गली में खुलने वाले दरवाजे से एक किशोरी दौड़ते हुए शूटरों के बीच पहुंच गई थी।

विज्ञापन

वह उमेश की भजीती थी। गली के मोड़ पर गोली लगने से लहूलुहान चाचा को देख वह चीखती रही। उसी दौरान पीछे से आए गुलाम ने गली के मोड़ पर जब उमेश पर गोली चलाई, तब उसने हिम्मत कर गुलाम से गुत्थमगुत्था शुरू कर दी और भतीजी को कहा कि बिटिया तुम घर में भाग जाओ। उसी समय पीछे से दौड़कर आए असद ने उमेश की गर्दन पर गोली मार दी। इसके बाद भी वह भागकर कमरे की ओर गया, लेकिन तबतक गुड्डू मुस्लिम ने गली में बम मार दिया ता। इससे कई छर्रे उमेश और सुरक्षाकर्मी को लगे थे।
विज्ञापन

उमेश के भतीजे दिव्यांश ने बताया कि उस्मान, गुलाम और असद की गोलियां लगने के बाद भी चाचा बच सकते थे, लेकिन गली में फेंके गए बम ने उनकी जान ले ली। दिव्यांश की मानें तो गोली -बम की आवाज सुनकर घर के लोग दौड़े थे। चाची जया पाल भी छत से वह दृश्य देखकर दौड़ीं लेकिन, किसी का बस नहीं चल सका। हम लोग पहुंचे, तबतक शूटर भाग चुके थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें