कभी ठेले पर बिरयानी बेचता था नफीस
अतीक काली कमाई को बिरयानी के धंधे से सफेद करने लगा। मोटी कमाई देखकर नफीस भी अतीक गैंग के साथ मिलकर प्रापर्टी का धंधा करने लगा। पैसा नफीस लगाता था। धमकाने के लिए अतीक गैंग था। धीरे-धीरे उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत हो गई कि वह अतीक गैंग का फाइनेंसर बन गया। उसने न सिर्फ प्रयागराज में बल्कि लखनऊ, नोएडा, दिल्ली समेत कई शहरों में प्रापर्टी बना ली।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब अतीक और अशरफ का परिवार फरार हुआ तो भी यह बात सामने आई कि नफीस ही उनकी आर्थिक मदद कर रहा है। उसने तमाम माध्यमों से शाइस्ता और जैनब को पैसे पहुंचाए। पुलिस का मानना है कि शाइस्ता और जैनब कहां छिपकर रह रही हैं, इसकी भी जानकारी नफीस को है। नफीस से पूछताछ में इसका खुलासा होने की उम्मीद है। यही नहीं अतीक के परिवार और गैंग के लोगों ने कहां-कहां किसके नाम से अरबों की संपत्ति बनाई है। इन सबके बारे में भी पुलिस को सटीक जानकारी मिलेगी।