गुर्गों का भी खर्च उठाता था नफीस
अतीक के जेल जाने के बाद हर महीने वह शाइस्ता को 25 से 30 लाख रुपये पहुंचाता था। इतना ही नहीं उसके बच्चों और गैंग की तमाम आर्थिक जरूरतों को भी नफीस पूरा करता था। अतीक के जेल जाने के बाद उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी की वह शाइस्ता और बेटों को वह गुजरात ले जाकर अतीक के मिलवाए।
नफीस के मुताबिक वह अतीक के परिवार को कई बार गुजरात ले गया। वहां अतीक का परिवार कई-कई दिन तक फाइव स्टार होटल में रुकता था। अहमदाबाद में अतीक के कई गुर्गे भी रहते थे। उनका खर्च भी नफीस बिरयानी ही उठाता था। पुलिस को अब तक चार बार के हवाई टिकटों के बारे में सुबूत मिल गए हैं।
पूछताछ में नफीस ने कई लोगों के नाम बताए हैं, जो अतीक के परिवार और गैंग के लिए फाइनेंसर का काम करते थे। इसमें कुछ अतीक गैंग से जुड़े हैं तो कुछ सफेदपोश हैं, जिनका नाम अभी तक सामने नहीं आया है।
बैंक खातों, ट्रांजैक्शन की भी जांच
नफीस के बैंक खातों व ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस के पास पुख्ता सुबूत हैं कि नफीस अतीक गैंग के लिए फाइनेंसर का काम करता था। उसके बैंक खातों और पिछले कुछ वर्षों के ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। नफीस के नजदीकी रिश्तेदारों, नौकरों के खातों और ट्रांजैक्शन को भी खंगाला जा रहा है।
नफीस के साथी के बारे में पूछताछ, जल्द होगा नामजद
नवाबगंज के आनापुर में मुठभेड़ के दौरान नफीस का साथी मौके से फरार हो गया था। उसने भी पुलिस पर गोलियां चलाई थीं। उसके अज्ञात साथी पर नवाबगंज में एफआईआर दर्ज की गई। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नफीस से भी साथी के बारे में पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जल्द नफीस के साथी का नाम सामने आएगा।