पूरी साजिश की जानकारी शाइस्ता को भी थी
इस पूरी साजिश की जानकारी उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन को थी जो अक्सर उससे मिलने वहां आया करती थी। एक बार शाइस्ता ने उसे टोका भी कि उमेश के साथ हथियारबंद दो पुलिसवाले चलते हैं, जिस पर अतीक ने कहा कि पुलिस वाले तो राजूपाल के साथ भी चलते थे लेकिन इस बार पुलिस वालों को पहले मारेंगे। उसने ही शाइस्ता से यह भी बताया कि हत्याकांड केलिए हथियार व रुपयों का इंतजाम कहां और कैसे होगा।
अतीक ने अपने बयान में यह भी बताया था कि वह शाइस्ता, असद, अशरफ और खान सौलत हनीफ से फेस टाइम एप कॉलिंग के जरिए संपर्क करता था।आरडीएक्स और हैंड ग्रेनेड भी थे हत्याकांड के लिए असलहों के इंतजाम से जुड़े सवाल के बाबत पूछने पर अतीक ने पुलिस को अपने पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में भी जानकारी दी।
अपने संबंध आईएसआई व लश्कर-ए-तैयबा से होने की बात कबूल की। यह भी बताया कि जेल में रहने के बावजूद उसके पास हथियारों की कमी नहीं। .45 बोर की अत्याधुनिक पिस्टल के साथ ही उसके पास एके-47 व आरडीएक्स जैसा खतरनाक विस्फोटक भी है। इसके अलावा उसके पास चार हैंड ग्रेनेड व 400 से ज्यादा देशी असलहे भी हैं।
कौशाम्बी, फतेहपुर, उन्नाव में भी छिपाए थे असलहे
पुलिस को पूछताछ में अतीक ने यह भी बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में प्रयुक्त असलहे, कारतूस और बम प्रयागराज के अलावा भी अन्य जनपदों में छिपाए गए। इनमें कौशाम्बी, फतेहपुर व उन्नाव जनपद शामिल हैं।
जेल में बंद होने के बाद भी सुरक्षित रखवाया था असलहों का जखीरा
अशरफ ने भी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए थे। पुलिस को बताया कि जेल में रहने के दौरान भी उसके और उसके भाई के गिरोह के पास असलहों की कमी नहीं। बताया कि उसके पास नाइन एमएम समेत प्रतिबंधित बोर के कारतूस वाली कुल 25 पिस्टल, पांच दुनाली व छह राइफल के साथ ही सैकड़ों तमंचे और बम रखे हुए हैं। यह भी बताया था कि उसके पास पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कारतूस भी हैं जो पंजाब के रास्ते उनके पास पहुंचे थे।