यह आदेश इलाहाबाद की एमपी/ एमएलए की विशेष अदालत के जज दिनेश चंद्र शुक्ला ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी सुशील वैश्य द्वारा दी गई अर्जी को स्वीकार करते हुए पारित किया है। इस दौरान आरोपी खान सौलत हनीफ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश भी हुआ।
उमेश पाल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे अतीक के वकील खान सौलत हनीफ की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। इलाहाबाद जिला अदालत ने 28 साल पुराने बहुचर्चित अशोक साहू हत्याकांड में बतौर आरोपी तलब करने का वारंट जारी किया है।
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यह आदेश इलाहाबाद की एमपी/ एमएलए की विशेष अदालत के जज दिनेश चंद्र शुक्ला ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी सुशील वैश्य द्वारा दी गई अर्जी को स्वीकार करते हुए पारित किया है। इस दौरान आरोपी खान सौलत हनीफ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश भी हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील वैश्य ने बताया कि 1996 में अतीक के भाई अशरफ ने कार ओवरटेक को लेकर कहासुनी के बाद अशोक साहू की हत्या की थी। मामले से अशरफ को बचाने के लिए अतीक ने पूर्वांचल के नामी माफिया के जरिये अशरफ की आयुध अधिनियम में गिरफ्तारी दिखाई थी। सीबीसीआईडी की जांच में यह प्रकाश में आया कि इस मामले में खान सौलत ने माफिया की मदद की थी।
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28 साल पुराने इस मामले में आरोपी ने अब तक न अदालत के सामने समर्पण किया और न ही जमानत कराई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश खान सौलत ने अदालत को बताया कि इस मामले में उसने जमानत करवा ली है, लेकिन इस संबंध ने कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं प्रस्तुत कर सका। अभियोजन की ओर से वारंट जारी कर सीआरपीसी 309 अर्जी दी गई। जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले में खान सौलत हनीफ के खिलाफ आरोप तय किए जाने की कार्यवाही की जाएगी।