उमेश व अतीक-अशरफ हत्याकांड से जुड़े कई राज भी उसकी गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है। लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया है। उधर सूत्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पुलिस की ओर से गुड्डू मुस्लिम को ढूंढ़ने की कोशिश भी लगभग न के बराबर की गई है। इतने दिनों में ना ही किसी दबिश की खबर आई और न ही यह बात पता चली कि पुलिस की कोई टीम को गुड्डू मुस्लिम के बारे में कोई खबर मिली हो।
साबिर, अरमान ने मारी थी गनर को गोली
पांच लाख के दो इनामी शूटर साबिर व अरमान भी पुलिस को छकाने में अब तक कामयाब रहे हैं। साबिर तो फरारी के दौरान दो बार प्रयागराज भी आ चुका है और पुलिस को भनक लगने से पहले ही भाग भी निकला। उधर अरमान के बारे में यह भी बात सामने आई थी कि उसने बिहार में किसी पुराने मामले में सरेंडर कर दिया। हालांकि प्रयागराज पुलिस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया गया। बता दें कि उमेश पाल के गनर संदीप निषाद (जो घटना के वक्त कार में ही बैठा था) को गोली से साबिर व अरमान ने ही भूना था।