विश्वविद्यालय में मई से गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इस दौरान परीक्षाएं भी चल रहीं हैं। शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षा में लगा दी गई है। वहीं, कई शिक्षक छुट्टी पर हैं। शिक्षकों की व्यस्तता और अनुपलब्धता के कारण क्रेट की कॉपियों का मूल्यांकन धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों को रिजल्ट के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
वैसे भी कोविड के कारण पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया एक सत्र पीछे चल रही है। यही वजह है कि इविवि प्रशासन की ओर से सत्र 2022 के लिए क्रेट का आयोजन कराने के बाद सत्र 2023 के लिए भी क्रेट की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. जेके पति का कहना है कि जो भी शिक्षक उपलब्ध हैं, उनसे कॉपियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है। रिजल्ट जल्द देने का प्रयास किया जा रहा है।