असद को बचाने की थी साजिश
इस बात से असद यह साबित करता कि घटना वाले दिन वह लखनऊ में था। हालांकि, पूरी प्लानिंग असद की वजह से ही फेल हो गई। घटना वाले दिन शूटरों को कार से उतरते ही उमेश को गोली और बमों से मार देना था। लेकिन पहली गोली लगने के बाद उमेश अंदर की तरफ भागे तो असद बौखला गया। वह पिस्टल लेकर कार से उतरा तो बगल में बैठा साबिर भी रायफल लेकर फायरिंग करने लगा।असद गोलियां चलाते उमेश के पीछे दौड़ा और कई गोलियां दागीं। सीसीटीवी में न सिर्फ असद का चेहरा सामने आ गया बल्कि उसी की वजह से पूरा मामला इतना सनसनीखेज हो गया।
सीसीटीवी फुटेज में नजर आए थे दोनों शख्स
उमेश की हत्या के बाद पुलिस ने अतीक के लखनऊ वाले फ्लैट पर छापा मारा तो मोबाइल और एटीएम मिल गए। जांच की गई तो घटना वाले दिन असद के मोबाइल से कई फोन किए गए थे। एटीएम से भी ट्रांजेक्शन हुआ था। जांच हुई तो दोनों दोस्तों के बारे में पता चला। जहां से एटीएम कार्ड से ट्रांजेक्शन हुआ था, उसकी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिल गई।
पकड़े गए दोनों युवक हैं भाई
असद के दोनों दोस्तों की खोजबीन शुरू हुई लेकिन दोनों फरार थे। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक वे हैदराबाद में थे। पुलिस की एक टीम ने दोनों को वहां से पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के पूछताछ में कई नई बातों का पता चला है। पकड़े गए दोनों युवक भाई हैं। छोटा भाई असद का दोस्त है।
लखनऊ में एक शूटर से भी हुई थी मुलाकात
असद के दोस्त ने न सिर्फ घटना वाले दिन उसके मोबाइल और एटीएम का प्रयोग किया बल्कि घटना के बाद उमेश हत्याकांड में शामिल एक शूटर से लखनऊ के इंपीरियल काॅलेज के पास मुलाकात भी की। पुलिस जल्द खुलासा करेगी कि कौन शूटर यहां से लखनऊ गया था।