माफिया अतीक अहमद के करीबी सफदर अली के मकान पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू हो गई है।आधी मकान को बुलडोजर से गिरा दिया गया है। आधे मकान को बुलडोजर से गिरा दिया गया है। चार जेसीबी और एक पोकलैन मशीन लगाकर आलीशान मकान को देखते ही देखते मिट्टी में मिला दिया गया।
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Prayagraj News : माफिया अतीक अहमद के करीबी सफदर अली का मकान ध्वस्त करता बुलडोजर।
- फोटो : अमर उजाला।
राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में पीडीए ने बृहस्पतिवार को माफिया अतीक अहमद के करीबी गन हाउस मालिक सफदर अली के बेटों के मकान पर बुलडोजर चलवा दिया। इस मकान का भी नक्शा पास नहीं था। परिजन खुद को निर्दोष बताकर कार्रवाई रोकने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन अफसरों ने नहीं सुनी। तीन बुलडोजर और एक पोकलैंड लगाकर दो मंजिला भवन को जमींदोज करवा दिया गया।
साठ फीट रोड पर स्थित मकान नंबर 171 ए-19 के को तोड़ने के लिए दिन के 11:30 बजे पीडीए के अफसर पुलिस-पीएसी के साथ पहुंचे। उनके साथ भवन ध्वस्तीकरण के लिए तीन बुलडोजर और एक पौलेंड मशीन लाई गई थी। कसारी-मसारी उपकेंद्र के जेई को बुलवाकर बिजली काटी गई। इसके बाद पीडीए के अफसरों ने मजदूरों को लगवाकर सामान बाहर निकलवाना शुरू किया।
यह भवन जानसेनगंज स्थित एसएसए गन हाउस के मालिक सफदर अली के बेटों सैयद कमर अब्बास और सैयद फजल अब्बास के नाम अभिलेखों में दर्ज है। कमर और फजल दोनों भाई अफसरों के आगे दुहाई देते रहे कि उनका माफिया अतीक अहमद से कोई दूर-दूर तक का रिश्ता नहीं है। पीडीए के अफसरों का कहना था कि इस भवन का मानचित्र पास नहीं कराया गया है। अवैध निर्माण होने की वजह से इसे तोड़ने का आदेश पारित किया जा चुका है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद दोपहर करीब 1:35 बजे पीडीए का बुलडोजर भवन पर गरजने लगा।
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Prayagraj News : माफिया अतीक अहमद के करीबी सफदर अली का मकान ध्वस्त करता बुलडोजर।
- फोटो : अमर उजाला।
पहले तीन बुलडोजरों की मदद से अगले हिस्से के पिलर और छतों को ढहाया गया। इसके बाद पोकलैंड मशीन लगाकर 250 वर्गगज में बने दो मंजिला भवन को ढहाने की कार्रवाई की जाने लगी। शाम छह बजे तक इस भवन को तोड़ने का सिलसिला चला। पीडीए के सचिव अजीत कुमार सिंह ने बताया कि अवैध निर्माण होने की वजह से इस भवन को तोड़ने की कार्रवाई की गई। उधर, कहा जा रहा है कि हिला कर रख देने वाले उमेश हत्याकांड में शामिल शूटरों ने जिन कारतूसों का इस्तेमाल किया, वह सफदर अली के एसएसए गन हाउस से ही उपलब्ध कराई गई थीं।
सफदर अली के गन हाउस में शाइस्ता परवीन के नाम के सरेंडर किए तीन हथियार भी वर्ष 2007 से ही जमा कराए गए हैं। कहा जा रहा है कि इसे लेकर भी पुलिस उमेश हत्याकांड के बाद अतीक के करीबियों और मददगारों के रूप में सफदर का नाम पुलिस रिकार्ड में शुमार किया जा रहा है। हालांकि सफदर ने अतीक गैंग से अपने किसी भी तरह के ताल्लुक से इन्कार किया है।
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Prayagraj News : अतीक अहमद के करीबी सफदर अली का मकान ध्वस्त करता बुलडोजर।
- फोटो : अमर उजाला।
शूटरों को असलहा और कारतूस उपलब्ध कराने का आरोप
सफदर अली पर आरोप है कि उसने उमेश पाल की हतया के लिए शूटरों को असलहा और कारतूस उपलब्ध कराया था। सफदर अली की शस्त्र की दुकान शहर के जानसेनगंज इलाके में है। इसके पहले 2007 में अतीक ्अहमद के घर से तीन असलहों को पुलिस ने बरामद किया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर उनक तीनों असलहों को इसी सफदर अली के यहां रखवाया गया है। अभी भी अतीक अहमद के कई असलहे सफदर अली यहां मौजूद हैं। अतीक ्अहमद से सपदर अली का यही कनेक्शन उसके घर पर बुलडोजर चलाने का कारण बना।
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Prayagraj News : सफदर अली की बेटी।
- फोटो : अमर उजाला।
बेटी ने कहा- मुस्लिम होने की मिल रही सजा
सफदर अली की बेटी ने पीडीए की कार्रवाई को पूरी तरह से गलत और अन्याय पूर्ण बताया। कहा कि उन्हें सिर्फ मुसलमान होने की सजा मिल रही है। उनका अतीक से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। दुकान पर सामान बेचना क्या गुनाह है।
बिना किसी कारण और आरोप के हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। दुकान पर सामान बेचना कोई गुनाह नहीं है। यह काफी पुराना मकान है। पहले किसी ने मानचित्र की बात नहीं की। अब मानचित्र मांगा जा रहा है।
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Prayagraj News : सफदर अली के परिजन देते रहे सफाई।
- फोटो : अमर उजाला।
मैंने किसी शूटर को कारतूस नहीं दी, गन हाउस के रिकार्ड का जांच कराने के लिए तैयार
गन हाउस के मालिक सफदर अली का कहना है कि उनके पास एक-एक कारतूस का हिसाब है। उसने किसी भी अपराधी या शूटर को कारतूस मुहैया नहीं कराई है। किसी भी समय उसके गन हाउस का रिकार्ड चेक किया जा सकता है। वह इस मामले की जांच के लिए तैयार है। सफदर ने बताया कि वर्ष 2007 में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन के नाम पर दर्ज तीन असलहों को सरेंडर कराया गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर उन असलहों को उनके गन हाउस में जमा कराया गया है। उन असलहों की समय-समय पर जांच होती रहती है।
Prayagraj News : पीडीए ने सफदर अली का मकान किया जमींदोज।
- फोटो : अमर उजाला।
कंपाउंड चार्ज जमा कराने के लिए गिड़गिड़ाते रहे कमर और फजल, अफसरों ने नहीं सुनीं
भवन गिराए जाने पहले से सैयद कमर अब्बास और सैयद फजल अब्बास ने पीडीए के अधिकारियों से कंपाउंड चार्ज जमा कराकर मानचित्र पारित कराने की प्रक्रिया पूरी कराने की गुहार लगाई। कमर बार-बार अफसरों से भवन को न तोड़ने और अवसर देने के लिए दुहाई देता रहा। उसकी बहन सानिया घर के बाहर अपने पिता, भाइयों का गुनाह अफसरों से पूछती रही। इस दौरान महिला पुलिस ने उसे पकड़कर किनारे किया और फिर शांत करा दिया गया।
साठ फीट रोड पर बने इस भवन का मानचित्र पारित नहीं कराया था। भवन स्वामी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया था। लेकिन, उसने अपना पक्ष नहीं रखा। अंतत: भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करा दी गई। - अरविंद चौहान, उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण।