बमबाज गुड्डू मुस्लिम को शरण देने का है आरोप
बमबाज गुड्डू मुस्लिम को अपने घर में पनाह देने वाले माफिया अतीक अहमद के मेरठ निवासी बहनोई डाॅ. अखलाक को झटका लगा है। जेल में बंद डॉ. अखलाक की परेशानी तब और बढ़ गई जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित जमानत अर्जी पर सुनवाई एक बार फिर टाल दी गई। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांग लिया। कोर्ट ने इसे मंजूर कर लिया।
माफिया अतीक के बहनोई को उमेश पाल हत्याकांड में शामिल बमबाज गुड्डू मुस्लिम को मेरठ स्थित अपने घर में पनाह देने और आर्थिक मदद करने के आरोप में एसटीएफ ने नौचंदी इलाके से दो अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इलाहाबाद जिला न्यायालय ने डॉ. अखलाक की ओर से दाखिल जमानत अर्जी को 23 अगस्त को खारिज कर दिया तो उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उमेश पाल की पत्नी को जारी किया गया था नोटिस
27 सितंबर को डॉ. अखलाक की ओर से दाखिल अपील पर हाईकोर्ट ने उमेश पाल की पत्नी जया पाल को नोटिस जारी किया था। जया पाल की ओर से अधिवक्ता प्रवीन कुमार पांडेय और संदीप कुमार मिश्रा ने वकालतनामा दाखिल किया। जमानत अर्जी पर आगे सुनवाई हो पाती कि मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए और समय देने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
हालांकि, अखलाक के वकील की ओर से राज्य सरकार को इसका नोटिस दो महीने पहले ही दिया जा चुका था। पुलिस का दावा है कि अतीक की बहन आयशा नूरी का पति अखलाक मेरठ के अब्दुल्लापुर के सरकारी अस्पताल में तैनात रहने के साथ ही अतीक की काली कमाई का प्रबंधन भी करता था।