बार काउंसिल के सदस्य देवेंद्र मिश्र नगरहा ने बताया कि जया पाल की शिकायत पर सुनवाई के लिए बार कौंसिल ने कमेटी गठित की थी। कमेटी ने पूरे प्रकरण की जांच और सभी पक्षों को सुनने के बाद सौलत को व्यवसायिक कदाचरण का दोषी पाया। सर्वसम्मति से सौलत की सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया।
उमेश पाल अपहरण कांड में उम्रकैद की सजा पाए माफिया अतीक अहमद के वकील खान सौलत हनीफ का पंजीयन उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की अनुशासन समिति ने रद्द कर दिया है। अब वह आजीवन किसी भी अदालत में वकालत नहीं कर सकेगा। फिलहाल वह जेल में बंद है। उमेश पाल की हत्या के बाद उनकी पत्नी जया पाल ने बार कौंसिल से सौलत हनीफ की सदस्यता रद्द करने और वकालत से डिबार करने की मांग की थी।
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बार काउंसिल के सदस्य देवेंद्र मिश्र नगरहा ने बताया कि जया पाल की शिकायत पर सुनवाई के लिए बार कौंसिल ने कमेटी गठित की थी। कमेटी ने पूरे प्रकरण की जांच और सभी पक्षों को सुनने के बाद सौलत को व्यवसायिक कदाचरण का दोषी पाया। सर्वसम्मति से सौलत की सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि विधायक राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह उमेश पाल ने अतीक अहमद के साथ उसके वकील खान सौलत पर भी अपहरण, धमकाने और गवाही बदलने के लिए मारने- पीटने का मुकदमा दर्ज़ कराया था। मुक़दमे के ट्रायल में यह साबित हुआ कि उमेश पाल को गवाही बदलने और दूसरा बयान देने का मसौदा सौलत ने ही तैयार किया था। वह घटना स्थल पर भी अन्य अपहरणकर्ताओं के साथ मौजूद था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने अतीक और अन्य अभियुक्तों के साथ सौलत हनीफ को भी उम्र कैद की सजा सुनाई थी।