इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। मंगलवार को लखनऊ पुलिस की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही उसके उस दोस्त को भी उठाया गया है, जिसके साथ 24 फरवरी को वह एटीएम से नकदी निकालने पहुंचा था। इसके बाद सूचना दी गई तो प्रयागराज पुलिस की एक टीम ने भी वहां पहुंचकर दोनों से पूछताछ की। माना जा रहा है कि दोनों को यहां लाकर उनसे उमेशपाल हत्याकांड के राज उगलवाए जाएंगे।
जेल में बंद है पिता जफरउल्लाह
आतिन जफर का पिता जफरउल्लाह वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है। वह देवरिया जेल कांड में अतीक अहमद व अन्य संग नामजद है। सीबीआई ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है। पिता के जेल जाने के बाद से ही वह लखनऊ में असद के साथ रहने लगा था। वह अक्सर लखनऊ जेल में असद के साथ जाया करता था। वहां अपने पिता के साथ अतीक के बड़े बेटे उमर से भी मुलाकात करता था।
पुलिस को गुमराह करने की थी प्लानिंग
आतिन के पकड़े जाने के बाद यह साफ हो गया है कि उमेश पाल हत्याकांड में खुद को बेकसूर साबित करने के लिए असद ने पहले ही प्लानिंग की थी। यही वजह थी कि उसने न सिर्फ अपना एटीएम कार्ड बल्कि मोबाइल भी लखनऊ में ही छोड़ दिया था। एटीएम कार्ड के साथ ही मोबाइल भी आतिन के पास ही मिला। प्लानिंग यह थी कि घटना के वक्त मोबाइल की लोकेशन लखनऊ में मिलने से उसे दोषी साबित कर पाना कठिन होगा। इसी मकसद के तहत असद के एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर नगदी भी निकाली गई।
रात 9.13 मिनट पर निकाली गई थी नकदी
आतिन ने 24 फरवरी की रात 9.13 मिनट पर लखनऊ में असद के एटीएम कार्ड के जरिए नकदी निकाली थी। जबकि उमेश पाल की हत्या शाम पांच बजे के करीब हुई थी। जिस तरह से यह घटनाक्रम हुआ यानी असद के प्रयागराज में होने के बावजूद उसके एटीएम कार्ड से लखनऊ में नकदी निकाली गई, उससे आशंका जताई जा रही है कि आतिन भी इस हत्याकांड की साजिश में शामिल था। उसे शूटरों के एक-एक कदम की जानकारी थी।
रईसों की तरह जीता था लाइफस्टाइल
असद के साथ रहते-रहते आतिन उसी की तरह लाइफस्टाइल जीने लगा था। वह कीमती कपड़े व घड़ियां पहनता था। मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियों में भी घूमा करता था। उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल की कवर फोटो पर अतीक अहमद की तस्वीर लगा रखी है।