असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस अफसरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि उमेश पाल की हत्या के बाद सारे शूटर तकरीबन 36 घंटे तक शहर में ही अलग-अलग जगहों पर छिपे रहे। असद, गुलाम बाइक से और गुड्डू मुस्लिम बस से 26 फरवरी को कानपुर पहुंचा। फिर वहां से वे बस पकड़ कर दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद गुड्डू मुस्लिम मेरठ चला गया।
असद और गुलाम 49 दिन के दौरान साथ में ही रहे। मुंबई, पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए जब राजस्थान के अजमेर पहुंचे तो एसटीएफ की नजर में आ गए। इस दौरान कई बार पुलिस और एसटीएफ टीम असद के बेहद नजदीक पहुंच गई थीं लेकिन हर बार वह कुछ ही मिनटों के अंतर से बच निकलता था।
उमेश पाल की हत्या की हत्या के बाद असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम, साबिर, अरमान और विजय चौधरी उर्फ उस्मान सीधे चकिया पहुंचे थे। यहां बाइक और क्रेटा कार खड़ी करने के बाद वे आसपास ही मददगारों के घरों में छिप गए। इसी बीच रात में ही पुलिस अतीक के घर पहुंच गई। पुलिस अतीक के दोनों नाबालिग बेटों को उठा लाई थी। ये सारी बातें असद और अन्य शूटरों को पता चल रही थीं।