चकिया इलाके से पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले की जानकारी पर अफसरों ने अलग-अलग टीमें लगाकर आरोपी की तलाश शुरू कराई। धूमनगंज से लेकर पूरामुफ्ती और खुल्दाबाद में ताबड़तोड़ दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान ही देर रात चकिया इलाके से बल्ली को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से एक झोला बरामद हुआ है जिसमें 10 बम मिले हैं। पुलिस देर रात तक उससे पूछताछ में जुटी रही जबकि अफसर कुछ बोलने से इंकार करते रहे। एक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर सिर्फ इतना बताया कि बल्ली पंडित की तलाश में टीमें लगाई गई हैं।
उमेश की हत्या से पांच दिन पहले मिलने पहुंची थी शाइस्ता
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, धूमनगंज के नीवा का रहने वाला बल्ली पंडित हार्डकोर अपराधी है। वह धूमनगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। साबरमती जेल में रहने के दौरान वह अतीक के इशारे पर जमीन पर कब्जे और रंगदारी मांगने की वारदातों को अंजाम देता रहा। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसका नाम तब चर्चा में आया जब उसका शाइस्ता परवीन के साथ वीडियो वायरल हुआ।
हत्याकांड से महज पांच दिन पहले 19 फरवरी 2023 को शाइस्ता बल्ली से मिलने उसके घर पहुंची थी। वहां से निकलते वक्त सभी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस दौरान शाइस्ता के साथ पांच लाख का इनामी फरार शूटर साबिर भी नजर आया था। इसके बाद ही एसटीएफ ने बल्ली पंडित को हिरासत में लेकर कई दिनों तक पूछताछ की थी।
राजू पाल पर दागे थे 40 राउंड फायर
सूत्रों का कहना है कि बल्ली पंडित का नाम तब चर्चा में आया था जब वर्ष 2002 में उसने पूर्व विधायक राजू पाल पर हमला किया था। हालांकि तब राजू पाल विधायक नहीं थे। बल्ली के पिता सीबीआई में डिप्टी एसपी थे। जिनका धूमनगंज में ही एक चाय की दुकान पर राजू पाल से विवाद हुआ था। राजू के धक्के से साइलेंसर पर गिरने के कारण बल्ली के पिता का पैर जल गया था।
इसकी जानकारी होने पर नाराज हो गया और उसने राजू पाल पर सरेआम गोलियां बरसाईं। उसने अपने दो साथियों संग मिलकर राजू पर 40 से ज्यादा राउंड फायर दागे थे। कुछ सालों बाद एक बार फिर उसने राजू पाल पर हमला किया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। बाद में उसका घर जला दिया गया था और इसका आरोप राजू पाल पर लगा था। इसके बाद ही अतीक उसके घर पहुंचा था और रुपये-पैसों से मदद कर उसे अपने गैंग में शामिल कर लिया था।